Kashi ka News. 16 जुलाई को निकलेगी बाबा काल भैरव स्वर्ण-रजत प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा।

 16 जुलाई को निकलेगी बाबा काल भैरव स्वर्ण-रजत प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा।

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। काशी के कोतवाल बाबा श्री काल भैरव जी की 1954 में निर्मित स्वर्ण रजत प्रतिमा की शोभायात्रा 16 जुलाई को प्रातः 7 बजे, चौखम्भा स्थित काठ की हवेली से आरम्भ होगी। उक्त जानकारी स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी के अध्यक्ष घनश्याम सेठ "बच्चा" ने पराड़कर स्मृति भवन मे आयोजित पत्रकारवार्ता में दी। उन्होने बताया कि शोभायात्रा मे आगे पुलिस घुड़सवार, ढोल-ताशा, स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी का बैनर व संस्थापक द्वय स्व किशुन सेठ, स्व भीखू सिंह का तस्वीर फूलों से सुसज्जित रहेगा। बैण्ड बाजा पार्टी, घोड़े पर सवार भगवान राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न व हनुमान, शंकर पार्वती, राधा कृष्ण, काली की आकर्षक स्वरूप में झांकी होगी। नीरज सेठ की नेतृत्व में न्यू लाइफ इंवेंट प्लानर के कलाकार शोभायात्रा में भजन के साथ गोविंदेश्वर महादेव तथा माता वैष्णो देवी की आकर्षक झांकी, डमरू दल शोभायात्रा के केंद्र बिंदू होंगे। अंत में शहनाई वादन, विभिन्न फूलों से सुसज्जित रथ पर बाबा काल भैरव की स्वर्ण रजत-प्रतिमा विराजमान रहेंगी। पूरे मार्ग में भक्तों द्वारा स्वागत व पुष्प वर्षा कर बाबा का पूजन, आरती एवं प्रसाद वितरण भी होता रहेगा। अध्यक्ष ने कहा कि बाबा के स्वागत हेतु विभिन सामाजिक संगठन, भक्तगण चयनित स्थल पर विधिवत पूजा अर्चना करेगे। संचालन हेतु शोभायात्रा मंत्री जनार्दन वर्मा "प्रधान" के नेतृत्व मे टीम बनी है।

महामंत्री राजू वर्मा (बिछिया वाले) ने बताया कि शोभायात्रा गुरुवार को चौखम्भा स्थित काठ की हवेली से आरम्भ होकर बीबी हटिया, जतनबर, विशेश्वरगंज, महामृत्युंजय, दारानगर, मैदागिन, बुलानाला, चौक, नारियल बाजार, गोविन्द पुरा, ठठेरी बाज़ार, सोराकुऑ, गोलघर, भुतई इमली होते हुए बाबा काल भैरव मंदिर में स्वर्ण रजत प्रतिमा प्रतिस्थापित होगी और भव्य श्रृंगार के बाद विधिवत पूजा अर्चना एवं दर्शन रात्रि में बाबा के शयन आरती तक चलता रहेगा। सायं काल पंडित जयकृष्ण दीक्षित के आचार्यत्व में बसंत पूजा होगी।

परम्परागत काशी के कोतवाल पत्रिका का प्रकाशन किया गया है जिसके सम्पादक रविशंकर सिंह, सह सम्पादक कमल कुमार सिंह एवं संदीप सेठ है। मीडिया प्रभारी का प्रभार डाॅ कैलाश सिंह विकास एवं किशोर कुमार सेठ को दिया गया है। मंदिर परिसर व गर्भगृह तथा चौराहा व मार्ग को विभिन्न प्रकार के फूलों व झालरों से सुसज्जित किया जायेगा। साथ ही स्वागत हेतु तोरणद्वार बनाये जायेंगे। पत्रकार वार्ता में विक्रम सिंह, संरक्षक द्वय कृष्ण कुमार सेठ "बच्चू", श्याम सुन्दर सिंह, अनुज गौतम "बंटी", उपाध्यक्ष सतीश कुमार सिंह आदि शामिल रहे।