रविदास स्मारक सोसाइटी द्वारा बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। रविदास स्मारक सोसायटी के तत्वावधान में पूर्व उपप्रधानमंत्री एवं भारत के महान समाज सुधारक बाबू जगजीवन राम की 40वीं पुण्यतिथि सोमवार को श्री संत गुरु रविदास मंदिर, राजघाट में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए समता, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्य डॉ भारत भूषण ने कहा कि बाबू जगजीवन राम सर्वहारा समाज के सच्चे हितैषी थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना और समतामूलक समाज के निर्माण के लिए समर्पित किया। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं। रविदास स्मारक सोसायटी के प्रबंधक मदन लाल भगत ने कहा कि बाबू जगजीवन राम गरीबों, मजदूरों और किसानों के मसीहा थे। उनकी सोच वैज्ञानिक, प्रगतिशील और सर्वधर्म समभाव पर आधारित थी। उन्होंने गुरु रविदास के विचारों को आत्मसात कर समाज में समानता और भाईचारे का संदेश दिया।साहित्यकार डॉ जयशंकर जय ने कहा कि बाबू जगजीवन राम आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखने वाले नेताओं में से एक थे। सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। इस मौके पर बाबू जगजीवन राम की राष्ट्रसेवा एवं समाजसेवा को याद करते हुए उन्हें 'भारत रत्न' से सम्मानित किए जाने की मांग की गई।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन वीरेन्द्र सिंह बबलू ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से पुजारी रामविलास दास, रामेश्वर दास, वकुलिया बाबा, धर्मराज राम, मदन यादव, चंदन शर्मा, नीरज माली, रमेश गुप्ता, दुर्गा मांझी, हारुन मोहन चक्रवर्ती, अर्पित पाण्डेय, मोहित राय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


