Kashi ka News. सीबीआई ने वाराणसी रेलवे के सीनियर डीएमएम नितेश अग्रवाल रिश्वत लेते किया गिरफ्तार।

सीबीआई ने वाराणसी रेलवे के सीनियर डीएमएम नितेश अग्रवाल रिश्वत लेते किया गिरफ्तार।

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 
वाराणसी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के सीनियर डिविजनल मैटेरियल मैनेजर नितेश अग्रवाल को एक लाख सत्तर हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई फर्नीचर की आपूर्ति करने वाले एक ठेकेदार की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि भुगतान और अन्य विभागीय कार्यों को आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद सीबीआई ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी को कथित रूप से रिश्वत की राशि लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे वाराणसी रेल मंडल में हलचल मच गई और देर रात तक सीबीआई की टीम विभिन्न स्थानों पर जांच में जुटी रही। 
जानकारी के अनुसार रेलवे को फर्नीचर की आपूर्ति करने वाले एक ठेकेदार ने सीबीआई से संपर्क कर रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि लंबित भुगतान और अन्य आवश्यक विभागीय प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए धनराशि की मांग की जा रही है। सीबीआई ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद ट्रैप की योजना बनाई और पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपी अधिकारी को कथित रूप से एक लाख सत्तर हजार रुपये की रिश्वत लेते समय गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया को पूरा किया गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की टीम ने आरोपी अधिकारी के आवास कार्यालय और अन्य संबंधित स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। देर रात तक चली इस कार्रवाई के दौरान दस्तावेज डिजिटल उपकरण वित्तीय अभिलेख और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की गई। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह मामला केवल एक शिकायत तक सीमित है या फिर इसके पीछे किसी बड़े भ्रष्टाचार तंत्र की भूमिका भी रही है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का परीक्षण किया जा रहा है ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाई जा सके। 
सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी से पूछताछ भी की गई। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिश्वत मांगने की प्रक्रिया कब से चल रही थी और क्या इसमें किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भी भूमिका रही है। सीबीआई सभी उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है और जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और अन्य पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वाराणसी रेल मंडल में हुई इस कार्रवाई के बाद रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है। वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ सीबीआई की ट्रैप कार्रवाई को भ्रष्टाचार के मामलों में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। रेलवे से जुड़े विभागों में भी इस घटना के बाद सतर्कता बढ़ गई है। अधिकारियों का मानना है कि भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई से सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलती है।