लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने कचौडी गली में लिया बनारसी स्वाद का आनंद।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। अपनी मधुर लोक गायिकी से देश-विदेश में पहचान बना चुकीं पद्मश्री लोक गायिका मालिनी अवस्थी शनिवार को वाराणसी की ऐतिहासिक और प्रसिद्ध कचौड़ी गली पहुंचीं। बनारस की संकरी गलियों, जीवंत संस्कृति और पारंपरिक खान-पान के बीच उनका आगमन स्थानीय लोगों और प्रशंसकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया। कचौड़ी गली पहुंचते ही मालिनी अवस्थी ने यहां के पारंपरिक बनारसी व्यंजनों का स्वाद लिया और स्थानीय लोगों से आत्मीयता के साथ बातचीत की।
उन्होंने बनारस की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत, यहां की आत्मीयता और खान-पान की परंपरा की खुलकर सराहना की। उनके आगमन की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए उत्साहित नजर आए। मालिनी अवस्थी ने कहा कि बनारस केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संगीत, परंपरा और स्वाद का जीवंत संगम है। यहां की हर गली अपनी अलग पहचान रखती है और कचौड़ी गली का स्वाद देशभर में अपनी खास पहचान बना चुका है।
उन्होंने कहा कि बनारस की मिट्टी, यहां का संगीत और यहां के लोगों का अपनापन हमेशा उन्हें अपनी ओर खींच लाता है। उनकी मौजूदगी से कचौड़ी गली का माहौल और भी जीवंत हो उठा। स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने बनारसी परंपरा के अनुरूप उनका स्वागत किया। इस दौरान कई लोगों ने उनके साथ यादगार तस्वीरें भी खिंचवाईं। मालिनी अवस्थी का यह दौरा बनारस की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक खान-पान के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है। उनके आगमन ने एक बार फिर काशी की सांस्कृतिक विरासत और बनारसी स्वाद की विशेष पहचान को नई ऊर्जा प्रदान की।


