Kashi ka News. काशीः रथयात्रा मेला सनातन संस्कृति, लोक आस्था और सामाजिक समरसता की अमूल्य धरोहर-अजय राय
काशीः रथयात्रा मेला सनातन संस्कृति, लोक आस्था और सामाजिक समरसता की अमूल्य धरोहर- अजय राय
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व मंत्री अजय राय ने प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी वाराणसी के ऐतिहासिक रथयात्रा चौराहा पर मेला में आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की ऐतिहासिक रथयात्रा मेला एवं दिव्य आरती में श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा के विधिवत दर्शन-पूजन कर प्रदेश एवं देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की तथा श्रद्धालुओं के साथ भगवान जगन्नाथ का रथ खींचकर अपनी आस्था व्यक्त की।
इस अवसर पर अजय राय ने कहा कि हम काशीवासी हर वर्ष की तरह, इस वर्ष भी रथयात्रा चौराहा, वाराणसी में आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी के ऐतिहासिक रथयात्रा मेला एवं दिव्य आरती में सम्मिलित होने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन कर मन अत्यंत हर्षित और अभिभूत है। प्रभु से प्रार्थना है कि वे सभी का कल्याण करें तथा संपूर्ण प्रदेश में सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली का आशीर्वाद बनाए रखें काशी विश्व की प्राचीनतम जीवंत नगरी है, जहां धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और लोक परंपराएं आज भी उसी जीवंत स्वरूप में विद्यमान हैं। यहां के मेले, पर्व और धार्मिक उत्सव केवल आस्था के आयोजन नहीं हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भी काशी की ऐसी ही गौरवशाली परंपरा है, जो सदियों से श्रद्धा, सेवा, समर्पण और सामाजिक समरसता का संदेश देती चली आ रही है। भगवान श्री जगन्नाथ को लोकनायक और लोकमंगल का प्रतीक माना जाता है। उनकी रथयात्रा यह संदेश देती है कि ईश्वर सभी के हैं और उनके दरबार में किसी प्रकार का ऊंच-नीच या भेदभाव नहीं है। जब हजारों श्रद्धालु एक साथ रथ की रस्सी पकड़कर महाप्रभु का रथ खींचते हैं, तब वह दृश्य भारतीय संस्कृति की एकता, भाईचारे और सामूहिक चेतना का अद्भुत उदाहरण बन जाता है काशी की पहचान में सांस्कृतिक परंपराएं, धार्मिक आयोजन, लोक उत्सव और मेले पूरी दुनिया को भारतीय सभ्यता की महानता का परिचय कराते हैं। रथयात्रा मेला भी इसी विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा, त्याग और परस्पर सम्मान की भावना को मजबूत करता है।
हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत हम सभी की साझा धरोहर है। इसे सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सबका नैतिक दायित्व है। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने, संस्कारों को मजबूत करने और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जीवंत बनाए रखने का कार्य करते हैं।हम भगवान श्री जगन्नाथ जी से प्रदेश एवं देशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि, शांति और प्रगति की मंगलकामना करते है महाप्रभु की कृपा सभी पर बनी रहे तथा काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा निरंतर विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचती रहे। उक्त मौके पर जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, मनीष मोरोलिया, ओमप्रकाश ओझा, धनश्याम सिंह, चंचल शर्मा, सुनील राय, गिरीश पांडेय, अजय सिंह आदि लोग उपस्थिति रहे।


