खामेंनई की शहादत उम्मते मुस्लिमा के लिए एक बड़ी त्रासदी है- तौसीफ़ अली
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। आगा सैयद अली खामेंनई के सुपुर्द ख़ाक होने के बाद शुक्रवार को जुमा की नमाज़ के बाद अंजुमन इमामिया की जानिब से शिया जामा मस्जिद गुलाम अब्बास अर्दली बाज़ार में एक गमगीन माहौल में श्रद्धांजलि सभा हुई। जिसमें मौलाना तौसीफ़ अली इमामे जुमा ने एक मजलिस को ख़िताब करते हुए कहा किआगा सैयद अली खामेंनई साहब की शहादत निसंदेह उम्मते मुस्लिमा के लिए एक बड़ी त्रासदी है।
धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक क्षेत्रों में लंबे समय तक नेतृत्व करने वाली इस महान शख्सियत का देहांत कई करोड़ हृदय को दुखी कर गया। कर्बला हमें सीखाता है कि सत्य का आंदोलन किसी एक व्यक्ति पर नहीं रुकता। इमाम हुसैन ने हमें सिखाया की शहादत हार नहीं बल्कि सत्य उत्तरजीविता और असत्य के विरुद्ध प्रतिरोध का प्रतीक है।
जुमा की नमाज़ के पहले कुरआनख़ानी, कुरआन पाठ का आयोजन किया गया। धन्यवाद सेक्रेटरी सैयद ज़फ़र अब्बास रिज़वी ने किया।


