साझा काव्य संग्रह 'मन के पंख' का हुआ लोकार्पण।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
चंदौली /वाराणसी। राष्ट्रीय चेतना प्रकाशन द्वारा प्रकाशित तथा दिनेश चन्द्र द्वारा संपादित साझा काव्य संग्रह 'मन के पंख' का भव्य लोकार्पण रविवार को सेंट अल हनीफ एजुकेशनल सेंटर, सेमरा सभागार मे समारोह में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि प्रो डॉ उत्तमा दीक्षित (डीन दृश्य कला संकाय,बीएचयू) ने साहित्य और कला के पारस्परिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसी साझा कृतियाँ नवोदित रचनाकारों के आत्मविश्वास को नई उड़ान देती हैं। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं केंद्रीय तिब्बती संस्थान/विश्वविद्यालय के विजिटिंग प्रोफेसर प्रो डॉ उमेश प्रसाद सिंह ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि उसकी चेतना का भी वाहक होता है।
विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ साहित्यकार एवं समाजसेवी संतोष सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार अखलाक खान 'भारतीय', पूर्व प्राचार्य डॉ अनिल यादव तथा सेंट अल हनीफ एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन हाजी डॉ वसीम अहमद ने संयुक्त रूप से 'मन के पंख' का लोकार्पण करते हुए कहा कि साझा काव्य संग्रह नए और स्थापित रचनाकारों के लिए एक सशक्त साहित्यिक मंच है। इस अवसर पर पुस्तक के संपादक दिनेश चन्द्र ने बताया कि साझा काव्य संग्रह में 31 कवियों के कविताएं शामिल है। उन्होंने सभी सहयोगियों, रचनाकारों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा पुस्तक की प्रकाशन-यात्रा की जानकारी साझा की। आयोजन राष्ट्रीय चेतना प्रकाशन एवं चेतना साहित्यिक मंच के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।
अंत में प्रकाशक डॉ विनय कुमार वर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय चेतना प्रकाशन भविष्य में भी साहित्य की नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा। इस मौके पर शकील अहमद, रामजी प्रसाद भैरव, प्रमोद भृगुवंशी, दीनानाथ देवेश, दयाराम जायसवाल, प्रकाश चौरसिया, झरना मुखर्जी, मुनक्का मौर्य, जयप्रकाश धानापुरी, टीकाराम आचार्य, अरुण आर्य, लवकुश मिश्रा, डॉ वत्सला, लता सक्सेना, संगीता शिवपुरी, मनोज आनंद, सत्यम, पीयूष मिश्रा, ताहिर वारसी प्रमोद अग्रहरी, अरुण तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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