भारतीय मजदूर संघ द्वारा 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन, डीएम को सौपा ज्ञापन।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। भारतीय मजदूर संघ, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर श्रमिकों के अधिकारों एवं उनकी विभिन्न प्रमुख मांगों को लेकर संगठन के जिलाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में शास्त्री घाट से जिला मुख्यालय तक राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन एवं मार्च उपरांत प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिलाधिकारी को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने बताया कि श्रमिक हितों से जुड़ी 11 सूत्रीय मांगों मे ₹30,000 न्यूनतम मासिक वेतन लागू किया जाए। इएसआईसी की वेतन सीमा ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 की जाए। इपीएस न्यूनतम पेंशन ₹7,500 प्रतिमाह के साथ डीए एवं चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। इपीएफ वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 की जाए। बोनस गणना की सीमा ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 की जाए। बोनस पात्रता की वेतन सीमा ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 की जाए। योजनागत एवं संविदा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की जाए। समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए। श्रम संहिताओं के श्रमिक-विरोधी प्रावधान समाप्त किए जाएं। ग्रेच्युटी की सीमा ₹40 लाख तक बढ़ाई जाए। बैंकिंग क्षेत्र में सप्ताह में 5 कार्य दिवस लागू किए जाएं।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था एवं विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। श्रमिकों को उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, चिकित्सा सुविधा एवं सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। भारतीय मजदूर संघ ने स्पष्ट किया कि श्रमिक हितों से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान के लिए संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष निरंतर जारी रखेगा। राकेश पांडे, बालेश्वर सिंह, संतोष कुमार सिंह, दूधनाथ, विकास केसरी, सुंदर लाल, शंकर दयाल, अमित वत्स सहित संगठन के सैकड़ो लोग शामिल थे।


