श्री आदि शंकराचार्य महासंस्थानम में 20 दिवसीय सहस्त्र चंडी पाठ का शुभारम्भ।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। पंचकोशी मार्ग के ग्राम देऊरा, पोस्ट काशीपुरा, राजातालाब स्थित आदि शंकराचार्य महासंस्थानम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ देवी आपदाओं से देश-विदेश के सनातनी हिंदुओं की रक्षा, राष्ट्र की सुख-शांति तथा समस्त विश्व के कल्याण की कामना को लेकर किया गया। इस अवसर पर शुलटंकेश्वर महादेव मंदिर से सुबह गंगाजल के साथ शोभायात्रा निकली, सैकड़ों श्रद्धालु हाथों में कलश लेकर, धार्मिक जयघोष के साथ शोभायात्रा शंकराचार्य आश्रम पहुंचकर संपन्न हुई।
विधि-विधान के साथ महायज्ञ प्रारंभ हुई, यज्ञ मंडप में सर्वप्रथम वरुण पूजन, गंगा पूजन एवं कलश पूजन पश्चात पंचांग पूजन, ब्राह्मण वरण के बाद षोडश मातृका, नवग्रह एवं क्षेत्रपाल सहित 33 कोटि देवताओं का आवाहन, स्थापना, पूजन के उपरांत सहस्त्र चंडी दुर्गा सप्तशती के पाठ का शुभारंभ हुआ, जो आगामी 20 दिनों तक अनवरत चलता रहेगा। इस मौके पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद महाराज ने कहा कि सनातन परंपरा में शक्ति उपासना का विशेष महत्व है। मां भगवती की आराधना एवं वैदिक अनुष्ठानों के माध्यम से लोककल्याण, राष्ट्र की उन्नति, शांति एवं समस्त मानव समाज के मंगल की कामना की जाती है। सहस्त्र चंडी महायज्ञ इसी भावना को समर्पित है। यज्ञाचार्य तेजमणि त्रिपाठी के आचार्यत्व में 36 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा यह अनुष्ठान संपन्न कराया जा रहा है। इस अवसर पर स्वामी बृजभूषणनंद सरस्वती, सच्चिदानंद त्रिपाठी, विनय कुमार मिश्रा, रामकुमार मिश्र, क्षमा शंकर उपाध्याय, पन्नालाल मिश्र, बाबूलाल मुंदर, अविनाश शुक्ल सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।


