Kashi ka News. काशी मे 22 अगस्त से उड़ीसा पर्यटन विभाग द्वारा तीन दिवसीय उड़ीसा परब महोत्सव का आयोजन।
काशी मे 22 अगस्त से उड़ीसा पर्यटन विभाग द्वारा तीन दिवसीय उड़ीसा परब महोत्सव का आयोजन।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वारणसी। ओडिशा सरकार का पर्यटन विभाग उद्योग साझेदार के रूप में एफआईसीसीआई के सहयोग से ओडिया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग, हथकरघा, वस्त्र एवं हस्तशिल्प विभागः मिशन शक्तिः ओडिशा ग्रामीण विकास एवं विपणन समिति (ओआरएमएएस) और ओडिशा पर्यटन विकास निगम (ओटीडीसी) के समर्थन और भागीदारी के साथ वाराणसी में ओडिशा परब का आयोजन कर रहा है। तीन दिवसीय उत्सव मे ओडिशा की समूद्ध सांस्कृतिक विरासत, शिल्प, व्यंजन, प्रदर्शन कला और विविध पर्यटन अनुभवों को 22 से 24 अगस्त तक आयोजित ओडिशा के सार को सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए एक मंच तैयार करेगा और ओडिशा और उत्तर प्रदेश के बीच पर्यटन और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करेगा।
महादेव की नगरी एवं भगवान जगन्नाथ की भूमि के साथ एक गहरा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध साझा करती तीन दिवसीय ओडिशा परब में कुल 32 स्टॉल होंगे, जिनमें 22 हस्तशिल्प स्टॉल और 10 व्यंजन स्टॉल शामिल हैं, जो आगंतुकों को ओडिशा का एक जीवंत अनुभव प्रदान करेंगे। इस हस्तशिल्प प्रदर्शनी में पट्टाचित्र, ताड़ के पत्तों पर नक्काशी, धोकरा, चांदी की बारीक कारीगरी, हथकरघा, कोटपैड वस्त्र, पीतल और कांसे के शिल्प, जूट उत्पाद और अन्य हस्तशिल्पों सहित पारंपरिक और समकालीन शिल्पों की एक विविध श्रृंखला प्रदर्शित की जाएगी। आगंतुकों को पट्टाचित्र, ताड़ के पत्तों पर नक्काशी, चांदी की बारीक कारीगरी और धोकरा के लाइव प्रदर्शन देखने का अवसर भी मिलेगा, साथ ही वे कारीगरों के साथ सीधे बातचीत कर सकेंगे और इन कला रूपों के पीछे छिपे कौशल, धैर्य और पारंपरिक ज्ञान को समझ सकेंगे। 10 स्टॉल पारंपरिक व्यंजनों मे पीठा, मिठाइयाँ, दहीबारा आलुदम, पारंपरिक स्नैक्स, बाजरा आधारित उत्पाद और कोरापट कॉफी, अन्य क्षेत्रीय विशिष्टताओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम ओडिसी नृत्य की सुंदरता, गोतिपुआ और संबलपुरी की जीवंत परंपराओं के साथ-साथ लोक और पारंपरिक प्रदर्शनों का एक समृद्ध संग्रह प्रदर्शित किया जाएगा। सांस्कृतिक और खान-पान संबंधी अनुभवों के साथ-साथ, ओडिशा परब राज्य को एक विविधतापूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में प्रदर्शित करेगा। यह पर्यटन प्रदर्शनी ओडिशा के आध्यात्मिक और विरासत स्थलों, जैसे पुरी और कोणार्क, रत्नागिरी, उदयगिरि और ललितगिरि में बौद्ध विरासत स्थलों, और चिल्का, भीतर्कनिका और सिमिलिपाल जैसे प्राकृतिक और वन्यजीव स्थलों को उजागर करेगी।
तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत, एक विशेष पर्यटन रोड शो के माध्यम से ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों, पर्यटन उत्पादों और उभरते अवसरों को और अधिक प्रदर्शित किया जाएगा। इस आयोजन में एक प्रवासी सम्मेलन भी होगा, जो वाराणसी और आसपास के क्षेत्र में रहने वाले ओडिया समुदाय और ओडिशा के मित्रों के साथ संवाद स्थापित करने का मंच प्रदान करेगा। यह पहल ओडिशा बिजन 2036 और 2047 की व्यापक आकांक्षाओं के अनुरूप है, जिसमें पर्यटन एक समृद्ध, समावेशी, टिकाऊ और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त ओडिशा के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए ओडिशा परब न केवल एक सांस्कृतिक प्रदर्शन स्थल के रूप में काम करेगा, बल्कि पर्यटन, आजीविका, उदद्यमिता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में भी काम करेगा।


