25 हजार के ईनामी बीएचयू छात्र नेता ने किया समर्पण।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्विद्यालय में स्थित बिरला 'अ' छात्रावास के गेट पर पुरानी रंजिश को लेकर साथी छात्र पर पिस्टल से जानलेवा हमला करने के मामले में रोहतास, बिहार निवासी आरोपित 25 हजार के ईनामी बीएचयू छात्र नेता क्षितिज उपाध्याय ने सोमवार को पुलिस को चकमा देते हुए अपने अधिवक्ता अनुज यादव व चंद्रबली पटेल के जरिए कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया। एसीजेएम (नवम) अमित कुमार यादव की अदालत ने आरोपित को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।
प्रकरण के अनुसार बीएचयू में पढ़ रहे बीए तृतीय वर्ष के छात्र रोशन मिश्रा ने लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 21 फरवरी 2026 को समय लगभग 9 से 9.30 बजे रात को अपने साथी विशाल के साथ बिरला 'अ' छात्रावास के गेट पर खड़ा था। उसी दौरान मोटर साइकिल से तीन व्यक्ति क्रमशः पीयूष कुमार तिवारी निवासी सासाराम, ऋषभ और तपस आये और हमारे ऊपर जान से मारने की नियत से पिस्टल से चार गोलियां चलायी। एक गोली मेरे सर के बगल से गुजरी तथा दूसरी छाती के बगल से निकली। तभी जान बचाने के लिए वादी छात्र छात्रावास के अन्दर भागने लगा, तब भी उनलोगों द्वारा दो गोलियां मेरे ऊपर पीछे से फायर किया गया। यह सारी घटना पूर्व निष्काषित छात्र क्षीतिज उपाध्याय व अभिषेक उपाध्याय के इशारे पर किया गया है।
इस घटना के बाद से वह काफी डरा और सहमा हुआ है। उसे अंदेशा है कि इन लोगो के द्वारा कभी भी उसकी हत्या कर दिया जायेगा। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में आरोपित क्षितिज उपाध्याय काफी दिनों से फरार चल रहा था। जिसके बाद उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए 25 हजार का ईनाम घोषित किया गया था। जिसके बाद आरोपित ने सोमवार को पुलिस को चकमा देते हुए अपने अधिवक्ता अनुज यादव व चंद्रबली पटेल के जरिए कोर्ट में आत्म समर्पण कर जेल चला गया।


