जेपीएनआईसी को निजी हाथों में देना लोकनायक विरासत के साथ अन्याय-आशुतोष सिन्हा
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। लखनऊ स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) को निजी कंसोर्टियम को 30 वर्ष की दीर्घकालीन लीज पर दिए जाने के उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा की अध्यक्षता में एसीएम प्रथम अवधेश कुशवाहा को ज्ञापन सौपा गया जिसके माध्यम से राष्ट्रपति महोदय को जेपीएनआईसी को निजी लीज पर देने के निर्णय पर पुनविचार निर्माण एवं व्यय की स्वतंत्रता समीक्षा तथा लीज प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग की गई।
इस अवसर पर आशुतोष सिंहा ने कहा कि जेपीएनआईसी कोई सामान्य व्यावसायिक संपत्ति नहीं, बल्कि जनता के धन से निर्मित और लोकनायक जय प्रकाश नारायण की लोकतांत्रिक विरासत से जुड़ी महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिसंपत्ति है। परियोजना की लागत लगभग ₹265.58 करोड़ से बढ़कर ₹864.99 करोड़ तक पहुंची है, ऐसे में इसे निजी हाथों में सौंपने से पहले सरकार को पूरी प्रक्रिया, लीज की शर्तों और वित्तीय व्यवस्था सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जेपीएनआईसी को व्यावसायिक केंद्र बनाने के बजाय लोकनायक जय प्रकाश नारायण के जीवन, संघर्ष, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं सामाजिक विचारधारा को समर्पित राष्ट्रीय संस्थान के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। कायस्थ समाज सहित लोकतंत्र में आस्था रखने वाले नागरिकों की भावनाओं का भी सम्मान होना चाहिए।
इस अवसर पर ई0 राहुल सिंह, मायापति यादव, रिज़वान खान, विकास श्रीवास्तव, ईशान श्रीवास्तव, अर्पित श्रीवास्तव, अश्वनी सिंह, धीरेंद्र प्रताप सिंह, पवन राय, सैफ अंसारी आदि लोग उपस्थित रहे।


