Kashi ka News. भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास व सुरक्षा का पर्व है रक्षा बंधन-मिसेज एशिया सच्चदेवा

 भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास व सुरक्षा का पर्व है रक्षा बंधन-मिसेज एशिया सच्चदेवा 

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। काशी की प्रसिद्ध समाजसेविका व मिसेज एशिया विजयता सच्चदेवा ने समस्त देशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल कलाई पर राखी बांधने और मिठाई खिलाने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम, विश्वास, स्नेह और जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने का पवित्र संकल्प है। 

एक छोटा-सा धागा रिश्तों की उस मजबूती का प्रतीक है, जिसे समय, दूरी और परिस्थितियां भी कमजोर नहीं कर सकतीं। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांध, माथे पर तिलक लगाकर स्वस्थ, उज्ज्वल एवं सुखी जीवन की कामना करती है। भाई भी अपनी बहन की रक्षा, सम्मान और हर सुख-दुख में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है। 

उन्होंने बताया कि रक्षा बंधन हमें याद दिलाता है कि भाई-बहन का रिश्ता केवल खून का रिश्ता नहीं, बल्कि भावनाओं, विश्वास और जिम्मेदारी का रिश्ता भी है। बहन के लिए भाई सिर्फ एक भाई नहीं होता, बल्कि बचपन की यादों का साथी, परेशानी में हिम्मत देने वाला और जीवन के कठिन रास्तों पर साथ खड़ा रहने वाला अपना सबसे करीबी रिश्ता होता है। उस धागे में उसकी दुआएं, बचपन की यादें, प्रेम और विश्वास बंधा होता है, यह पर्व उन्हें फिर उसी बचपन की खूबसूरत यादों से जोड़ देता है। पौराणिक कथा मे भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी की कथा भी भाई-बहन जैसे स्नेह और रक्षा के भाव को दर्शाने वाली प्रसिद्ध कथाओं में गिनी जाती है। 

यह हमें बताती हैं कि रक्षा का बंधन केवल जन्म से बने रिश्तों तक सीमित नहीं, बल्कि प्रेम और विश्वास से भी बनता है। इसलिए रिश्तों की रक्षा व अपनों का सम्मान कीजिए और प्रेम को जीवन का सबसे खूबसूरत उपहार बनाइए