सद्भावना दिवस के रूप में मनाई गई भारत रत्न राजीव गांधी की जयंती।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। भारत रत्न एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रातः गुरुवार को कांग्रेसजनों ने मैदागिन चौराहे स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित कर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया गया तथा उनकी जयंती को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया गया।
जिला अध्यक्ष राजेश्वर पटेल एवं महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने संयुक्त रूप से कहा कि राजीव गांधी ने देश को 21वीं सदी में ले जाने का सपना देखा और विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, संचार तथा पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। उन्होंने युवाओं को देश की शक्ति मानते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी का मानना था कि भारत की एकता और अखंडता की सबसे बड़ी ताकत आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता और सद्भाव है। उनकी जयंती पर सद्भावना दिवस मनाने का उद्देश्य भी समाज में प्रेम, शांति, भाईचारे और एकता की भावना को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में फ़साहत हुसैन बाबू, सतनाम सिंह, गुलशन अली, सैय्यद हसन अंसारी, संतोष चौरसिया, प्रमोद वर्मा, नरसिंह दास, अरविन्द कुमार, रामकेश यादव, विजय देवल, राजेश्वर विश्वकर्मा, किशन यादव, रामजी गुप्ता, गोपाल चौबे, सत्येंद्र तिवारी समेत बडी संख्या मे कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


