सोनार महासमागम पूरे "सोनार समाज" का है,व्यक्ति विशेष का नहीं- रवि सर्राफ
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। 20 सितंबर को सांस्कृतिक संकुल में सोनार महासमागम को लेकर रविवार को छत्तातले नारियल बाजार स्थित मां दुर्गा भवन में आयोजित "स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान" के जिला इकाई की बैठक में राष्ट्रीय चेयरमैन रवि सर्राफ ने कहा कि यह समागम पूरे स्वर्णकार समाज का समागम है, किसी व्यक्ति विशेष का नहीं। जिलाध्यक्ष किशोर सेठ 'पूर्व पार्षद' ने कहा कि 1996 के पश्चात् काशी की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक धरती पर सोनार समाज का प्रदेश स्तर का सम्मेलन होने जा रहा है, जो सोनार समाज के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
कहा कि इस समागम में काशी में काम कर रही सभी स्वजातीय संस्था भागीदारी करेंगी और आयोजक मंडल का हिस्सा होंगी। बैठक में सभी ने हाथ उठाकर आगामी सोनार महासमागम का समर्थन किया और कहा कि इस कार्यक्रम के लिए माइक्रो मैनेजमेंट भी करना होगा। प्रारंभ में जिला सलाहकार कमल कुमार सिंह ने विषय प्रस्तावना प्रस्तुत किया एवं धन्यवाद ज्ञापन जिला महासचिव अरुण सोनी ने दिया। इस दौरान फूलपुर के रामचंद्र सेठ के निधन का समाचार प्राप्त होने पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
बैठक में विष्णु दयाल सेठ, ईश्वर दयाल सिंह सेठ, कृष्ण कुमार सेठ, पंकज सर्राफ, घनश्याम सेठ बच्चा, जितेंद्र सेठ, मनोज सेठ, श्यामसुंदर सिंह, श्रवण सेठ, विशाल सेठ, राजू वर्मा, संजय शाह मुन्ना, बजरंग लाल सेठ, वीरेंद्र सेठ, श्याम जी सर्राफ, मोहित सोनी, शंकर सेठ आदि वक्ताओं ने भी अपने विचार रखें। इस अवसर पर रौनी वर्मा, ईश्वर चंद्र वर्मा, श्याम जी सेठ, रामलाल सेठ, कन्हैयालाल सेठ, विनय सोनी, राजेश सेठ, राजा सेठ, विशाल सेठ, दीपक कुमार सेठ दीपू, विनोद सेठ, रवि सेठ, अनिल कुमार सेठ, कैलाश नाथ वर्मा, अशोक कुमार सेठ, बसंत सेठ, गुरुदयाल पवार, साहिल सोनी, विजय सेठ, संदीप सेठ, क्षमा सिंह, मीनाक्षी वर्मा, दीक्षा सिंह सहित सैकड़ों लोग रहे।


