महिला अध्ययन केन्द्र द्वारा ‘सावन महोत्सव 2026' का आयोजन।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केन्द्र द्वारा कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा के अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन/संरक्षण में बुधवार को विश्वविद्यालय के मुख्य भवन सभागार में ‘सावन उत्सव–2026’ के अन्तर्गत लोकगीत एवं लोक संस्कृति पर आधारित विशेष समारोह का भव्य एवं सांस्कृतिक आयोजन किया गया। कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि “सावन महोत्सव हमारी सनातन संस्कृति, प्रकृति-प्रेम और लोकपरम्पराओं का सुंदर संगम है। भारतीय परम्परा में नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि संस्कृति और संस्कारों की संवाहिका भी रही है। सावन के लोकगीतों, तीज, झूला और मंगलाचरण के माध्यम से हमारी मातृशक्ति ने पीढ़ियों से लोकजीवन की आत्मीयता और सांस्कृतिक चेतना को जीवंत रखा है। मुख्य अतिथि बसन्ता महाविद्यालय, राजघाट की गृहविज्ञान एवं इंटीरियर डिजाइनर प्रो आम्रपाली त्रिवेदी ने कहा कि लोकगीत हमारी संस्कृति और संस्कारों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के उपरान्त मंगलाचरण एवं गणेश वंदना से शुभारंभ हुआ।
महिला अध्ययन केन्द्र की निदेशक एवं संयोजिका प्रो विधु द्विवेदी ने सभी अतिथियों का परम्परागत ढंग से माल्यार्पण, अंगवस्त्र एवं स्मृतिचिह्न प्रदान कर स्वागत एवं अभिनन्दन किया। लोकनृत्य से लेकर शिव-पार्वती और राधा-कृष्ण की मनोहारी प्रस्तुति सावन की हरियाली और भारतीय लोकजीवन की रंगीन छटा को कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से साकार किया गया। कुलगीत, गणेश नृत्य-वंदना, शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण नाट्य-नृत्य एवं तिब्बती नृत्य सहित अनेक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। उत्सव के दौरान लोकगीत, फैशन शो, क्विज, मेहंदी, चूड़ी एवं सुहाग से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रो विधु द्विवेदी ने कहा कि ‘सावन उत्सव’ के माध्यम से महिलाओं की रचनात्मक प्रतिभा, लोकसंस्कृति और पारम्परिक ज्ञान को मंच प्रदान करने का प्रयास किया गया है। प्रतिभागियों द्वारा सावन से संबंधित गीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ प्रस्तुत की गईं। विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया तथा उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
संचालन डॉ कंचन मिश्रा ने किया। आयोजन में कुलसचिव राकेश कुमार, चीफ प्रॉक्टर प्रो जितेन्द्र कुमार, प्रो हीरक कान्ति चक्रवर्ती, डॉ विशाखा शुक्ला, डॉ रविशंकर पाण्डेय, प्रो शशिरानी मिश्रा, डॉ रानी द्विवेदी सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, छात्राएं आदि ने सहभागिता की।


