राष्ट्रभाषा के उद्घोष के साथ सम्पन्न हुआ काशी कुंभ 2026।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। मातृभाषा हिंदी संगठन के तत्वावधान में द्वितीय ‘काशी कुंभ 2026’ का आयोजन रविवार को होटल इंदु पैलेस, लमही में हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। आयोजन में 500 से अधिक साहित्यकार, कलाकार, शिक्षाविद और हिंदी प्रेमी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान हिंदी के संवर्धन और उसे व्यापक स्तर पर प्रतिष्ठित करने को लेकर वक्ताओं ने विचार रखे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि हिंदी को केवल राजभाषा और मातृभाषा तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसे राष्ट्रभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करना समय की मांग है। उनके संबोधन का उपस्थित लोगों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक आचार्य श्रीकांत मिश्रा ने अपनी नव रचित कविता प्रस्तुत की। इसके साथ ही महादेव की विशेष अर्चना और मंत्रोच्चार हुआ, जिससे पूरा सभागार ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गूंज उठा। काशी कुंभ में साहित्य और कला का भी संगम देखने को मिला।
विशिष्ट अतिथियों में कविंद्र नारायण, ज्ञानपुरी, अंबरीश सिंह ‘भोला’, दमदार बनारसी, डॉ प्रशांत सिंह, डॉ चेतन तिवारी, डॉ प्रियंका अग्निहोत्री शामिल रहे। नन्हीं कलाकार मात्रा जसिका तिवारी ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। आयोजन संयोजक कुमार लक्ष्मीकांत ‘सूत्रधार’ रहे। प्रथम सत्र का संचालन शिवम ने तथा द्वितीय और तृतीय सत्र का संचालन रिया उपाध्याय ने किया। अंत में मातृभाषा हिंदी संगठन, वाराणसी इकाई के अध्यक्ष प्रांजल श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर संरक्षक अमिताभ कुंवर सिंह, श्रीवास्तव, धर्मराज, प्रीति, ऋषभ सहित सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद रहे।


