Kashi ka News. श्रीकृष्ण दिव्य प्राकट्य उत्सव पर विविध प्रकार के फूलों संग 51 औषधियों से होगा महाभिषेक।

 श्रीकृष्ण दिव्य प्राकट्य उत्सव पर विविध प्रकार के फूलों संग 51 औषधियों से होगा महाभिषेक।

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। इस्कॉन वाराणसी भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य दिवस जन्माष्टमी 2026 का चार दिवसीय भव्य उत्सव 2 से 5 सितंबर तक दुर्गाकुंड स्थित इस्कॉन मंदिर में भक्तों एवं व्यापक जनसमुदाय के लिए विभिन्न आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। यह जानकारी मंदिर के पदाधिकारी रमण बिहारी दास, रसिक गोविंद दास, मुरारी दास गुप्त व विग्नेश दास ने बुधवार को मंदिर प्रांगण में आयोजित प्रेसवार्ता में पत्र प्रतिनिधियों से बातचीत मे बाताया कि उत्सव का शुभारंभ 2 एवं 3 सितंबर को प्रातः 8 बजे से 10 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा से होगा, जिसे मंदिर प्रबंधन अध्यक्ष अच्युत मोहन दास प्रभु प्रस्तुत करेंगे। इन सत्रों में भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य शिक्षाओं एवं लीलाओं का श्रवण और मनन करने का अवसर मिलेगा। 

कथा के पश्चात सभी भक्तों के लिए प्रसादम की व्यवस्था होगी। 4 एवं 5 सितंबर को उत्सव भक्ति संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्रों द्वारा गठित विशुद्ध बैंड द्वारा कीर्तन एवं भजनों की प्रस्तुति की जाएगी, साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें प्रतिभागी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी भक्ति एवं समर्पण व्यक्त करेंगे। भक्तों द्वारा 24 घंटे निरंतर कीर्तन जिसमें हरे कृष्ण महामंत्र की दिव्य ध्वनि गुंजायमान रहेगा। 

भव्य उत्सव में भगवान श्रीकृष्ण का कलश महा-अभिषेक विभिन्न प्रकार के फूलों सहित 51 प्रकार की वस्तुओं से व इसके पश्चात आरती होगी।उत्सव के दौरान शुद्ध देसी घी से तैयार दो किंटल से अधिक हलवे भक्तों के बीच वितरण किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण को पारंपरिक भारतीय एवं आधुनिक शैली के सुंदर परिधानों व सुंदर पुष्पमालाओं से श्रृंगार किया जायेगा। उत्सव का समापन नंदोत्सव के साथ होगा, जिसमें इस्कॉन के संस्थापक श्रील प्रभुपाद का कथा, कीर्तन एवं महाभिषेक व उन्हें 108 प्रकार के व्यंजनों से महाभोग अर्पित किया जाएगा और सभी भक्तों के लिए भंडारा प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी।