वाराणसी लोकसभा चुनाव पुनः कराने की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। जिला/ महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त नेतृत्व में सोमवार को वाराणसी लोकसभा चुनाव 2024 में अनियमितताओं और देशभर में उठ रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों के विरोध में कांग्रेसजनों ने डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास से कचहरी मुख्यालय पहुंचे और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम मांग-पत्र सौंपते हुए वाराणसी लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच, चुनाव से जुड़े रिकॉर्ड एवं आंकड़ों की जांच तथा दोष पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि अजय राय काशी के असली सांसद हैं। जनता ने उन्हें अपना आशीर्वाद दिया था। वाराणसी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और चुनाव प्रक्रिया की पूरी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। चुनाव आयोग की वेबसाइट और चुनावी आंकड़ों के प्रदर्शन को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं और इन पूरे मामलों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए कांग्रेस वाराणसी लोकसभा चुनाव के परिणाम को लेकर उठे सवालों के समाधान के लिए निष्पक्ष जांच और पुनः चुनाव की मांग कर रही है।जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल ने कहा ज्ञानेश कुमार ने पूरे लोकतंत्र को शर्मसार करने का काम किया है। ऐसे व्यक्ति को तत्काल बर्खास्त कर जेल भेजा जाना चाहिए, जिसने लोकतंत्र और संविधान के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने मांग की कि वाराणसी लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़े सभी रिकॉर्ड, मतगणना के आंकड़े और अन्य संबंधित दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच के निष्कर्ष जनता के सामने रखे जाएं। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “वोट चोरी बंद करो”, “लोकतंत्र बचाओ”, “वाराणसी में पुनः चुनाव कराओ” सहित विभिन्न नारे लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनता के वोट की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने मांग की कि चुनाव से संबंधित सभी रिकॉर्ड और आंकड़ों की जांच कर जनता के सामने पूरी सच्चाई रखी जाए। कांग्रेस वाराणसी की जनता के मताधिकार से जुड़े इस मुद्दे को लेकर पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करती रहेगी। कार्यक्रम में गुलशन अली, प्रजानाथ शर्मा, फ़साहत हुसैन बाबू, दुर्गाप्रसाद गुप्ता, डॉ राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, रमजान अली, वकील अंसारी, राजीव राम, अशोक सिंह, दिलीप चौबे, विनोद सिंह कल्लू, मयंक चौबे, मनीष मोरोलिया, ओमप्रकाश ओझा, प्रवीण प्रकाश, वीरेन्द्र कपूर, अरविंद पटेल, अनुराधा यादव, चंचल शर्मा, पूनम विश्वकर्मा, संतोष चौरसिया, हसन मेहदी कंब्बन, सुनील श्रीवास्तव, प्रमोद वर्मा, नरसिंह दास, संतोष मौर्य, अजय सिंह, बेलाल अहमद, विकास कौण्डिल्य, अब्दुल हमीद डोडे, अशलम खां, मनोज वर्मा, अखिलेश पाण्डेय, लोकेश सिंह, अतुल मालवीय, रोहित मौर्य, विपिन सिंह, रामकेश यादव, शशी सोनकर, सदानंद, परवेज, लक्ष्मी यादव, रिशु सिंह, राजेन्द्र कुमार, कुँवर बबलू बिंद, रोहित दुबे, विनय जायसवाल, हिमांशु सिंह, अफसर खां, जावेद वरसी, गोपाल चौबे, मनोज प्रजापति, इमरान खां, मुहम्मद उज्जेर, आशुतोष पाण्डेय, राजेश्वर प्रसाद, पुलक, कमला प्रसाद, मृत्युजय सोनकर, गौरी शंकर, किशन यादव, रामजी गुप्ता समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


