पद्मश्री डॉ टीके लाहिरी के साथ हुए दुर्व्यवहार पर कांग्रेस का हमला।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। बीएचयू के वरिष्ठ चिकित्सक एवं पद्मश्री से सम्मानित डॉ टीके लाहिरी के साथ आईसीयू में गाली-गलौज और थप्पड़ मारने की घटना को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे रविवार को बीएचयू पहुंचे और डॉ टीके लाहिरी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। डॉ टीके लाहिरी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आईसीयू में भर्ती 85 वर्षीय डॉ लाहिरी के साथ एक एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा कथित रूप से गाली-गलौज की गई और थप्पड़ मारा गया। डॉ लाहिरी के चेहरे पर चोट के निशान भी दिखाई दिए। मामले ने बीएचयू जैसे देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थान की कार्यप्रणाली और वरिष्ठ चिकित्सक की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि डॉ टीके लाहिरी कोई सामान्य व्यक्ति नहीं हैं। वह बीएचयू के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित चिकित्सक रहे हैं और चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने लंबे समय तक बीएचयू की सेवा की और हजारों मरीजों का उपचार किया। जिस व्यक्ति ने अपना जीवन चिकित्सा, शिक्षा और मरीजों की सेवा में समर्पित किया हो, जो उम्र के इस पड़ाव पर गंभीर बीमारी के कारण आईसीयू में भर्ती हो, उसके साथ यदि कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट जैसी घटना होती है तो यह केवल एक व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार का मामला नहीं, बल्कि चिकित्सा और शिक्षा की गरिमा तथा मानवीय संवेदनाओं पर भी गंभीर सवाल है। वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। केंद्र में भी भाजपा की सरकार है और उत्तर प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है। डबल इंजन सरकार होने के बावजूद बीएचयू जैसे संस्थान में पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ चिकित्सक के साथ इस तरह की घटना सामने आना अत्यंत चिंताजनक है।
काशी की जनता यह जानना चाहती है कि आखिर बीएचयू में वरिष्ठ चिकित्सकों और मरीजों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था है? यदि परिजनों के आरोप सही हैं तो इतनी गंभीर घटना आईसीयू जैसी संवेदनशील जगह पर कैसे हुई और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच जरूरी है। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी वरिष्ठ चिकित्सक, मरीज या उनके परिजनों के साथ इस प्रकार के व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो। काशी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि यह घटना सीधे उनके संसदीय क्षेत्र में स्थित देश के सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थानों में से एक से जुड़ी है। हमलोग एक वरिष्ठ चिकित्सक की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान के सवाल के रूप में उठा रहे है डॉ टीके लाहिरी के साथ किसी भी स्तर पर अन्याय हुआ है तो उन्हें न्याय मिलना चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर पार्टी इस पूरे मामले पर नजर बनाए रखेगी और जरूरत पड़ने पर बीएचयू प्रशासन से लेकर शासन स्तर तक इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा। मौके पर महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा, रोहित दुबे, प्रिंस चौबे, आयुष पटेल रहे।


