Kashi ka News. कृष्ण जन्माष्टमीः महादेव की नगरी होगी कृष्णमय।

 कृष्ण जन्माष्टमीः महादेव की नगरी होगी कृष्णमय।

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। काशी के मंदिरों और घरों में भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां सजाई जा रही हैं और भक्त दिनभर व्रत रखकर भगवान की आराधना कर रहे हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में निशीथ काल में हुआ था। इस वर्ष निशीथ काल रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक रहेगा। इसी दौरान भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार जन्मोत्सव और पूजा के बाद अथवा 5 सितंबर की सुबह 6:01 बजे के बाद व्रत का पारण कर सकते हैं।

जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक कर उनका श्रृंगार के बाद नए वस्त्र, मुकुट, मोरपंख, फूल और तुलसी दल अर्पित कर झूले में विराजमान किया जाता है। इसके बाद माखन-मिश्री समेत सात्विक व्यंजनों का भोग लगाया जाता है और आरती की जाती है। भक्तगणों द्वारा छप्पन भोग लगाने की परंपरा भी प्रसिद्ध है। आज समस्त काशी नगरी कृष्णमय में हो जाएगी।