सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में धूमधाम से मना कृष्ण जन्मोत्सव।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव पर वाग्देवी मन्दिर परिसर में जन्म महोत्सव धूम धाम से मनाया गया। इस महापर्व पर संस्था के वरिष्ठ आचार्य एवं दर्शन संकाय प्रमुख प्रो रजनीश कुमार शुक्ल ने श्री कृष्ण भगवान के विभिन्न पक्षोंका वर्णन करते हुए बताया कि श्रीकृष्ण जी देवकी और वासुदेव के 8वें पुत्र थे। मथुरा नगरी का राजा कंस था, जो कि बहुत अत्याचारी था। उसके अत्याचार दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे थे।उनका वध कर असत्य और अन्याय का शमन किया.यह महापर्व अन्याय,अहंकार एवं अत्याचार को शमन करने का है।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में वरिष्ठ आचार्य प्रो रजनीश कुमार शुक्ल एवं प्रो शैलेश कुमार मिश्र के द्वारा विश्वकल्याण, संस्कृत व विश्वविद्यालय के अभ्युदय, और स्वस्थ समाज के सृजन के मनोकामना के साथ वैदिक विधि पूर्वक से भगवान श्री कृष्ण एवं माँ वाग्देवी की पूजा आराधना तथा आरती किया गया। संगीत विभाग की डॉ श्रुति उपाध्याय एवं उनकी टीम के द्वारा सुन्दर भजन और गीत की प्रस्तुति द्वारा श्री कृष्ण के वास्तविक दर्शन पर मधुर भजन से भाव विभोर कर दिया।
मंडप में अत्यन्त मनमोहक और अद्भुत झांकी को देखकर लोगों ने भगवान श्री कृष्ण के बाल लीला का दर्शन किये। अलौकिक दर्शन से नवीन पीढ़ी को अध्ययन करने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ। संयोजक- महोत्सव मे वेद विभाग के अध्यक्ष प्रो महेंद्र पान्डेय के संयोजकत्व में पूजन आदि डॉ सच्चिदानंद और सन्तोष दुबे सह व्यवस्थापक के द्वारा कराया गया। उक्त अवसर पर प्रो रजनीश कुमार शुक्ल, प्रो शैलेश कुमार मिश्र, प्रो विजय कुमार पाण्डेय, डॉ रविशंकर पांडेय, डॉ श्रुति उपाध्याय, अजितेश द्विवेदी, डॉ सच्चिदानंद सहित विश्वविद्यालय परिवार उपस्थित थे।


