Kashi ka News सहस्र चंडी महायज्ञ के उपरांत कन्या पूजन व संत भंडारा।

 सहस्र चंडी महायज्ञ के उपरांत कन्या पूजन व संत भंडारा।

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। पंचकोशी मार्ग स्थित आदि शंकराचार्य महासंस्थानम में सहस्र चंडी महायज्ञ एवं भव्य संत समागम के उपरांत धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में कन्याओं का विधिवत पूजन कर उन्हें भोज आदि के बाद साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन हुआ।

शंकराचार्य नरेंद्रानंद महाराज ने कहा कि सनातन परंपरा में कन्या, देवी स्वरूप है, कन्या पूजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान और भारतीय संस्कारों की अभिव्यक्ति है। धार्मिक अनुष्ठानों का उद्देश्य समाज में सद्भाव, सेवा, संस्कार और धर्म के प्रति आस्था को मजबूत करना है। 

कन्या पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से कन्याओं के चरण पूजन किए तथा उन्हें भोजन कराकर दक्षिणा एवं उपहार प्रदान के पश्चात साधु-संतों के लिए विशेष भंडारे मे विभिन्न क्षेत्रों से आए साधु-संतों ने प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर 2 बजे से रात्रि पर्यंत अनवरत भंडारे में लगभग पांच हजार श्रद्धालुओं ने दिव्य प्रसाद ग्रहण किया। पूरे परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने महायज्ञ की पूर्णाहुति के बाद आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर महासंस्थानम से जुड़े संत, विद्वान, यजमान, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।