Kashi ka News. सहस्त्र चंडी महायज्ञ में सवा लाख आहुतियों से गूंजा आदि शंकराचार्य महासंस्थानम परिसर।

 सहस्त्र चंडी महायज्ञ में सवा लाख आहुतियों से गूंजा आदि शंकराचार्य महासंस्थानम परिसर।

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। पंचकोशी मार्ग स्थित आदि शंकराचार्य महासंस्थानम में जगद्गुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के मार्गदर्शन एवं सानिध्य में चल रहे सहस्त्र चंडी महायज्ञ पूजन के चौथे दिन गुरुवार को प्रातः सुप्रभातम के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से संपन्न हो रहे महायज्ञ को लेकर आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है।

प्रातःकाल सर्वप्रथम महायज्ञ मंडप में स्थापित 16 स्तंभों का विधिवत पूजन के बाद विभिन्न वेदियों का पूजन हुआ। आचार्यों एवं विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ यज्ञीय अनुष्ठानों को आगे बढ़ाया। पूजन के दौरान पूरा यज्ञ परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत नजर आया। चौथे दिन ललिता त्रिपुर सुंदरी का सहस्रार्चन विशेष रूप से संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने मां त्रिपुर सुंदरी की आराधना कर सुख, शांति एवं लोककल्याण की कामना की। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती का विधिवत पाठ किया गया। मंत्रोच्चार के बीच यज्ञाग्नि में आहुतियां समर्पित की गईं। 

महायज्ञ में सवा लाख आहुतियां दी गईं, जिससे पूरा परिसर वैदिक मंत्रों एवं यज्ञ की सुगंध से गुंजायमान हो उठा। जगद्गुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित सहस्त्र चंडी महायज्ञ को धर्म, अध्यात्म एवं सनातन परंपरा के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक परंपराओं के अनुरूप विभिन्न अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। महायज्ञ में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। आश्रम परिसर में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है। सुबह से ही दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचकर यज्ञ मंडप में चल रहे पूजन, पाठ एवं हवन में सहभागी बन रहे हैं। श्रद्धालु मां भगवती की आराधना के साथ महायज्ञ में आहुति देकर विश्व कल्याण, राष्ट्र की समृद्धि, सुख-शांति और जनकल्याण की कामना कर रहे हैं।