Kashi ka News मंदिर फैशन का नहीं, आस्था और मर्यादा का केंद्र-दिलीप सिंह

 मंदिर फैशन का नहीं, आस्था और मर्यादा का केंद्र- दिलीप सिंह 

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना

वाराणसी। मंदिर केवल दर्शन-पूजन का स्थान ही नहीं, बल्कि हमारी आस्था, धर्म, मर्यादा और संस्कृति का केंद्र होता है। जहाँ दर्शन का महत्व है, वहीं मंदिर में परिधान की मर्यादा का भी उतना ही महत्व है। आज चिंता का विषय है कि मंदिर धीरे-धीरे परिधान और फैशन का केंद्र बनते जा रहे हैं, जबकि मंदिर में जाते समय विशेषकर महिलाओं का परिधान मर्यादित और संस्कारयुक्त होना चाहिए। सबमे यह आम राय था कि मंदिर में दर्शन के लिए कोई ड्रेस कोड भले न हो लेकिन भारतीय मर्यादित ड्रेस साड़ी, सलवार शूट या मंगलवस्त्र में दर्शन के लिए मंदिर को पहल करना चाहिए। उक्त बातें शिव बारात समिति के संस्थापक संयोजक दिलीप सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि काशी के मंदिरों की गरिमा बनी रहे, इसके लिए श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति के अनुरूप मर्यादित वस्त्रों में ही मंदिर में प्रवेश करना चाहिए। यह कोई पाबंदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति के प्रति सम्मान है।

SOURCE: SHIV BARAT SAMITI KE SANSTHAPAK DILIP SINGH KA BAYAAN