Kashi ka News शहीद विजय प्रसाद गोंड के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं- राघवेंद्र चौबे

 शहीद विजय प्रसाद गोंड के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं- राघवेंद्र चौबे

 रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। शिवपुर विधानसभा क्षेत्र के चिरईगांव ब्लॉक अंतर्गत सरैया-1 गांव के शहीद नायक विजय प्रसाद गोंड के स्मृति द्वार पर उनके नाम को छोटे अक्षरों में अंकित किए जाने को लेकर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे शहीद के सम्मान और सेना के गौरव से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवान के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। शहीदों के सम्मान की बातें करने वाली सरकार को इस मामले में अपनी संवेदनशीलता और जवाबदेही स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होने कहा कि शहीद नायक विजय प्रसाद गोंड ने 11 मार्च 2014 को जम्मू-कश्मीर में देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनका बलिदान पूरे देश का गौरव है। ऐसे वीर सपूत की स्मृति में बने द्वार पर उनका नाम छोटे-छोटे अक्षरों में लिखना और उनकी तस्वीर तक नहीं लगाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। शहीदों का सम्मान किसी जाति, धर्म या वर्ग के आधार पर तय नहीं हो सकता। देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले प्रत्येक जवान को समान सम्मान मिलना चाहिए। यदि किसी शहीद को सम्मान देने में भी जाति देखी जा रही है, तो यह सरकार की सोच और सामाजिक न्याय के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उसके लिए शहीदों का सम्मान भी जातिगत पहचान के आधार पर अलग-अलग होगा? सेना के जवानों की वीरता और शहादत किसी जाति की बपौती नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की धरोहर है। किसी भी शहीद के सम्मान में कमी करना उसके परिवार की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के साथ-साथ देश की सामूहिक संवेदना को भी आहत करता है। अध्यक्ष ने कहा कि शहीद विजय प्रसाद गोंड के परिवार ने अपने बेटे को देश की सेवा में खोया है। एक पिता के लिए इससे बड़ा दुख क्या होगा कि जिस बेटे ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, उसी के सम्मान में बने स्मृति द्वार पर उसका नाम और तस्वीर उचित गरिमा के साथ प्रदर्शित नहीं है। सरकार और प्रशासन को परिवार की पीड़ा समझनी चाहिए तथा इस मामले में तत्काल सकारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। राघवेंद्र चौबे ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मांग की है कि शहीद विजय प्रसाद गोंड के स्मृति द्वार पर उनकी तस्वीर लगाई जाए और उनका पूरा नाम बड़े, स्पष्ट एवं सम्मानजनक अक्षरों में अंकित कराया जाए। उन्होंने कहा कि स्मृति द्वार केवल ईंट-पत्थर से बना ढांचा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, बलिदान और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देने वाला प्रतीक है। इसलिए इस पर शहीद की पहचान और उनके बलिदान को पूरे सम्मान के साथ प्रदर्शित किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से सवाल किया कि शहीदों के सम्मान को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाले जिम्मेदार लोग इस मामले में अब तक क्या कर रहे हैं? यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। प्रशासन को केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय शहीद के परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए स्मृति द्वार को वास्तविक गरिमा प्रदान करनी चाहिए। राघवेंद्र चौबे ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी शहीदों के सम्मान और सामाजिक समानता के मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने मांग की कि शहीद विजय प्रसाद गोंड के स्मृति द्वार पर उनकी तस्वीर और नाम उचित आकार में अंकित कर तत्काल सम्मानजनक स्वरूप दिया जाए। साथ ही सरकार को अपनी सोच स्पष्ट करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में किसी भी शहीद के सम्मान के साथ जाति, धर्म या वर्ग के आधार पर कोई भेदभाव न हो।

SOURCE: MAHANAGAR CONGRESS ADHYAKSH RAGHVENDRA CHAUBEY KA BAYAAN.