काशीराज डॉ विभूति नारायण सिंह का जन्म शताब्दी महोत्सव मे विभूतियां सम्मानित।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। काशी में शिव स्वरूप सम्मान्य काशीराज डॉ विभूति नारायण सिंह का जन्म शताब्दी महोत्सव गुरुवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एन उड़प्पा सभागार में मनाया गया। कार्यक्रम संयोजक चक्रवर्ती विजय नावड ने बताया कि सर्वप्रथम काशी की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना अदिति चटर्जी द्वारा श्री गणेश वंदना एवं काशी के सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान पं चंद्रशेखर घनपाठी ने वैदिक मंगलाचरण के तत्पश्चात मुख्य अतिथि जगतगुरु चंद्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी पीठाधीश्वर, जंगमबाड़ी मठ, विशिष्ट अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अजीत कुमार चतुर्वेदी, महाराजकुमारी कृष्णप्रिया, महाराजकुमारी विष्णु प्रिया, महाराजकुमारी हरप्रिया ने महाराज एवं मालवीय जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सचिव मनोज गुप्ता ने शुभकामना संदेशों वाचन एवं महोत्सव के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि काशीराज डॉक्टर विभूति नारायण सिंह काशी के सांस्कृतिक अग्रदूत तथा महादेव के अंश थे। काशी के निर्माण में उनका बहुमूल्य योगदान था। वह सांस्कृतिक परंपराओं एवं संस्कारों के प्रबल समर्थक थे। श्री मां आनंदमयी पीठ की छात्राओं ने संगीतमय स्तुति की। महाराजकुमारी कृष्णप्रिया द्वारा लिखित पुस्तक 'सचल विश्वनाथ एक परिचय' पुस्तक का लोकार्पण किया गया। मुख्य अतिथि महास्वामी ने गीता ज्ञान प्रतियोगिता, डांस प्रतियोगिता एवं क़्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को ट्रॉफी व सर्टिफ़िकेट प्रदान कर सम्मानित किया। संचालन चक्रवर्ती विजय नावड ने किया। काशीराज जन्म शताब्दी महोत्सव के उपलक्ष्य मे अम्बरीश सिंह 'भोला', डॉ अशोक राय, पं अभिषेक द्विवेदी, प्रो रामनारायण द्विवेदी, अनिल श्रीवास्तव, डॉ रागिनी सरना, पं माता प्रसाद मिश्र, ममता टंडन, पं रविशंकर मिश्रा, राकेश टंडन, धुल्लीपल्ला नारायण शास्त्री, आशीष टंडन, वीवी सुंदर शास्त्री, घनश्याम सिंह, चंद्रशेखर अग्रवाल, राजेश शंकर श्रीवास्तव, डॉ अजय जायसवाल, डॉ प्रियंका जायसवाल, राम नारायण कसेरा, चेल्ला सुब्बा राव, वेंपराला उषा रानी, डॉ अशोक पांडेय, दिलिप सिंह, नागेंद्र वाजपेयी, हरीश वालिया, कौशल शर्मा, नरसिंह दास चांदीवाला, शंकर बोस, सलोनी गुप्ता, राधेश्याम कमल, डॉ अग्रज मिश्रा सहित 108 काशी के विभूतियों को 'काशीराज कीर्ति अलंकरण' से सम्मानित किया गया।
SOURCE: INFORMATION BY CHAKRAWARTI VIJAY NAWAD/ KASHIRAJ BIRTH CENTENARY FESTIVEL COMMITTEE.


